Mar
01

होली के इस दिन आपको मिले ढेर सैया प्यार,
इसी तरह हों जीवन में जीत के उत्सव हज़ार|
कुछ इस तरह मिल कर मनाये ये त्यौहार,
की याद आये आपको ये दिन बार बार |
Mar
01
क्यों शब्दों की गति थम गई ,
क्यों बातों का वेघ शांत हो गया,
क्या ह्रदय की व्यथा ख़त्म हो गई ,
क्या कुछ करने का नशा अब न रहा |
मत ख़त्म होने दो इस जूनून को ,
जलाए रखो आग अपने अन्दर ,
जो एक बार फ़ैल जाय ये सन्देश ,
फिर तुमहारी ख़ामोशी में सूकून भर जायगा |
तब तक चले-चलो , बढे-चलो
चाहे धीरे-चलो पर मेरे दोस्तों
चले-चलो !
Feb
24

शिव शंभो जटा धारी, दया शंकर त्रिपुरारी,
सर्प धारी, चन्द्र धारी, अभयंकर त्रिशूल धारी|
ज्ञान दाता, शस्त्र दाता, अस्त्र दाता है विधाता,
शक्ति दाता, शान्ति दाता, महाकाल मुक्ति दाता|
शान्ति तेरी जीवन की परिभाषा,
अशांति तेरी प्रलय की गाथा|
नाम तेरा रक्षा करता,
स्मरण तेरा शक्ति देता|
ध्यान तेरा सर्वमुक्ति देता,
भक्त को वरदान देता|
नमामि शंकर नमामि शंभो,
नमामि स्वरुप नमामि विभो |
अवतारं नमामि नमामि लिंगं,
नमामि रुद्रं दया शंकर नमामि|






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